hindi a language of millions continues..........
नमस्ते ,
मैं एक माधयम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हूँ , और ये समझती हूँ की आज की इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी मै आगे निकलना कितना जरुरी हो गया है और अगर आपने प्रयास नहीं किया थो आप पीछे रह जायेंगे पर इस आगे निकलने की दौड़ मैं हम कुछ खो थो नहीं रहे ये हमे कैसे पता चलेगा। ………
मैं बताती हूँ हमें रुकना पड़ेगा ये देखना पड़ेगा की हम किस राह पर जा रहे है। कहीं ये सफर जो हमने चुना है हमे किसी खाई मैं ढकेल तो नहीं रहा। हम वक़्त को तो पीछे छोड़ रहे हैं पर शायद अपनी संस्कृति को भी पीछे छोड़ते जा रहे हैं हम ऐसा क्यों केर रहे हैं ये हमने सोचा नहीं क्यूंकि आज हमारे पास अपने परिवार की के लिए वक़्त नहीं तो हम इन सब बेकार की बातों के लिए वक़्त कैसे निकालेंगे। मैं नहीं जानती पर हाँ मैं आपकी मदद कर सकती हूँ क्यूंकि शायद मैं भी इसी दौर से गुजर रही हूँ। मैं भी एक युवा हूँ और अपने देश के लिए कुछ करना चाहती हूँ क्यूंकि मुझे समझ आगया है की जब तक हम नहीं बदलेंगे देश नहीं बदलेगा। पर हमे बदलना पड़ेगा और दुसरो को भी इस का मतलब समझाना पड़ेगा। मैं जानती हूँ आप मैं से कई लोग मेरे इस कथन को पड़ना नहीं चाहेंगे , और कई शायद पढ़ भी लें जो मेरे इन कथनो को समझ पाएंगे वो शायद देश मैं आज भी मेरी तरह बदलाव की उम्मीद लगाये बैठे हैं और चाहते है की देश बदले और ऊर्जा के साथ आगे बड़े।
मैं यहाँ बड़े स्पष्ट शब्दों मैं सबसे पहले अपनी राष्ट्र भाषा हिंदी को जीवंत रखने की सुझाव के पक्ष मैं हूँ क्यूंकि कहीं न कहीं आप भी ये समझे होगे की हिंदी अपना स्थान खोती जा रही है। और ऐसा होने से हमे रोकना पड़ेगा वरना हिंदी एक इतिहास बनकर रह जाएगी और कुछ समय बाद हम कहे रहे होगे "oh man there some language in our history called HINDI" तो आप क्या चाहते हैं हिंदी को बचाना या इससे कही इतिहास के पन्नो मै कैद कर के रख देना। सोचियेगा जरूर
जय हिन्द
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